कानपुर में माध्यमिक शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में कार्रवाई का दौर अब शुरू हो गया है। प्रथम दृष्टया शिक्षकों की नियुक्ति से पहले उनका सत्यापन न करने वाले बाबुओं पर कार्रवाई की गई है। अपर शिक्षा निदेशक सुरेंद्र तिवारी ने डीआईओएस-2 वरिष्ठ सहायक सुनील कुमार को और संयुक्त शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी ने डीआईओएस 1 प्रधान सहायक राजन टंडन को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है, यदि सत्यापन किया जाता तो मामला वहीं पर पकड़ में आ जाता। आखिर इन लोगों ने सत्यापन क्यों नहीं किया? और किसके कहने पर बिना सत्यापन ही जॉइनिंग कराई? इस बिंदु पर जांच चल रही है। पहले बताते है क्या था पूरा मामला
20 अक्टूबर 2023 को डीआईओएस कानपुर कार्यालय को एडी माध्यमिक की ओर से एक मेल आया था। इस मेल में 9 शिक्षकों को तैनाती कराने का आदेश था। डीआईओएस कार्यालय से बिना शिक्षकों का सत्यापन किए दो शिक्षकों को तैनाती भी दे दी गई। हालांकि बाकी की तैनाती की प्रक्रिया चल रही थी। इसमें से एक शिक्षक को मदन मोहन मालवीय इंटर कॉलेज तो दूसरी शिक्षिका को आर्य कन्या इंटर कॉलेज में तैनात कर दिया गया। आर्यकन्या इंटर कॉलेज के प्रबंधक ने कोर्ट को लेटर लिखकर कहा कि मेरे यहां पर शिक्षक के लिए पद खाली नहीं है। इसके बाद भी एडी माध्यमिक की ओर से शिक्षक को भेजा गया है। इस पर जब कोर्ट ने एडी माध्यमिक विभाग को पत्र लिखा तो पता चला कि इस तरह का कोई भी पत्र कानपुर कार्यालय में नहीं भेजा गया है। फिर वहीं से इस खेल का खुलासा हो गया। डीआईओएस कार्यालय से हुई लापरवाही
पूर्व डीआईओएस फतेह बहादुर सिंह के कार्यकाल के दौरान यह पत्र ई-मेल में पर आया था। इसके बाद वहां पर किसी ने भी शिक्षकों का सत्यापन करना उचित नहीं समझा। आखिरकार सवाल यह उठता है कि बिना सत्यापन उन्हें ज्वाइन कैसे कराया गया। अधिकारियों ने उस समय इस पर किसी को रोका क्यों नहीं। चर्चा यह भी है कि यह काम किसी बड़े अधिकारी के इशारे पर ही किया गया है। डीआईओएस ने कराई FIR
डीआईओएस अरुण कुमार की तरफ से कर्नलगंज थाने में तहरीर देकर बताया गया कि फर्जी ई-मेल आईडी के माध्यम से 9 शिक्षकों की भर्ती कराई गई है। असली जो मेल आईडी है वह admadhyamik@gamil.com है और जिस आईडी से मेल आयी है वह admadhamik06@gamil.com है। शिक्षकों की तलाश में छापेमारी शुरू
कर्नलगंज पुलिस ने डीआईओएस अरुण कुमार की तहरीर पर वाराणसी की रिक्षा पांडेय, मिर्जापुर की विनीता देवी, प्रयागराज के विनय सिंह, मेरठ के विनीत चौधरी चौहान, सीतापुर के अरविंद सिंह यादव, प्रयागराज की स्वाति द्विवेदी, मिर्जापुर के आशीष कुमार पांडेय, मुजफ्फरनगर के नितिन कुमार, मेरठ की ज्योति यादव पर मुकदमा दर्ज किया है। उनकी तलाश में पुलिस ने छापेमारी भी शुरू कर दी है। पुलिस शिक्षा विभाग की मदद से उनके दस्तावेज खंगाल रही है। हालांकि जिन शिक्षकों का मोबाइल नंबर पुलिस के हाथ लगा है वह सभी बंद जा रहे हैं। फर्जी मेल आईडी से ही खुलेगा राज
हालांकि जिस फर्जी मेल आईडी से डीआईओएस कार्यालय में 9 शिक्षकों की तैनाती के लिए पत्र भेजा गया था, वह आईडी अब ब्लॉक कर दी गई है। पुलिस उस मेल आईडी को बनाने वाले की तलाश कर रही है। पुलिस का मानना है कि मेल आईडी किसने बनाई और कहां से मेल की यह सब पता चलने के बाद मामले से पर्दाफाश हो सकेगा। इधर डीआईओएस अरुण कुमार का कहना है कि कर्नलगंज पुलिस को सारे दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं और भी जो उन्हें कागज की जरूरत पड़ेगी वह उपलब्ध कराए जाएंगे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। कथित शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद ही उनसे आगे का कुछ मामला पता चल सकेगा।

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