तीन साल से दोनों का अफेयर था। उनकी मुलाकात एक शादी में हुई थी। उसके बाद अक्सर ये लोग रिश्तेदारी में एक-दूसरे से मिलते थे। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई। उस समय राम स्वरूप पुलिस भर्ती के एग्जाम की तैयारी कर रहा था। अर्चना की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी। वह प्राइवेट जॉब करती थी। एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार वाले तैयार नहीं थे। क्योंकि रिश्ते में भाई-बहन लगते थे। इसलिए अर्चना हमेशा कहती थी कि परिवार हमें मिलने नहीं देगा। ये कहना है, अर्चना के एक रिश्तेदार का। उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बात की। उनका कहना है- पहले ही हमारी बहुत बदनामी हो चुकी है। अब और नहीं सहन कर पाएंगे। जो नहीं चाहते थे, वही हुआ। सोचा था अर्चना की शादी के बाद ये सब खत्म हो जाएगा, लेकिन ये लोग नहीं माने। खबर में आगे बढ़ने से पहले पूरा मामला जान लीजिए… बांदा में बुधवार को राम स्वरूप कुशवाहा और उसकी प्रेमिका अर्चना ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। दोनों के धड़ उनके सिर से अलग हो गए। अर्चना की 21 जनवरी को शादी हुई थी। लेकिन, वह राम स्वरूप के साथ रहना चाहती थी। वह शादी के हफ्ते भर बाद ही अपने प्रेमी राम स्वरूप के पास सूरत चली गई। उसका भाई जबरन उसको वहां से ले आया और ससुराल छोड़ आया था। इसके बाद दोनों ने यह कदम उठाया। अब पढ़िए अर्चना के रिश्तेदार ने हमें जो बताया दूर के रिश्ते में भाई-बहन लगते थे दोनों, इसीलिए परिवार नाराज था
अर्चना की मां और राम स्वरूप की मां आपस में रिश्ते की बहनें हैं। दोनों परिवारों में आना-जाना था। लेकिन राम स्वरूप और अर्चना के बीच 3 साल पहले ही जान-पहचान हुई थी। हमारी एक रिश्तेदारी में शादी थी। वहीं दोनों मिले थे। उसके बाद अक्सर दोनों किसी न किसी फंक्शन में मिला करते थे। एक-दूसरे के घर भी आया करते थे। हम लोगों का कभी इस ओर ध्यान नहीं गया। हमें नहीं पता था बच्चों के मन में ये सब चल रहा है। ये लोग बाहर मिलते थे या नहीं, यह हमें नहीं पता है। अर्चना शादी के लिए मना करती रहती थी…
3 साल से यह सब चल रहा था, लेकिन हम लोगों को कभी शक नहीं हुआ। 1 साल पहले घर पर अर्चना की शादी की बात चली, तो वो मना करने लगी। कहती थी, अभी शादी का मन नहीं है। कभी लड़का पसंद नहीं करती थी। बार-बार उसकी न सुनकर हम लोग परेशान हो गए। हमने जब उस पर प्रेशर बनाया, तो उसने राम स्वरूप के बारे में बताया। ये सुनकर हम लोग भौचक्के रह गए। हमने उसे पूछा, तुझे पता भी है क्या कह रही है? रिश्ते में भाई लगने वाले लड़के से तू शादी कर लेगी? लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। हमने राम स्वरूप को अर्चना के घर आने से रोक दिया..
हमने इसके बारे में पहले राम स्वरूप के परिवार को बताया। राम स्वरूप को अर्चना के घर आने से मना कर दिया। अर्चना ने घर पर तब बहुत लड़ाई की। उसके भाई-पापा ने शांत करवाया। और ज्यादा बदनामी न हो, इस डर से अर्चना की जल्द शादी तय कर दी गई। शादी के लिए उनकी एक बिटिया और थी। ये सब अगर फैल जाता, तो उससे शादी कौन करता? 6 महीने पहले ही अर्चना की सगाई कर दी गई। उसका घर से निकलना बिल्कुल बंद करवा दिया गया। 21 जनवरी, 2024 को शादी कर दी गई। हमें लगा था, सब ठीक हो जाएगा। लेकिन सब उल्टा हुआ। शादी के बाद भी ब्वॉयफ्रेंड से बात करती थी
परिवार के एक सदस्य ने बताया- शादी के बाद भी राम स्वरूप से बात करती रहती थी। इसको लेकर उसके ससुराल में भी झगड़ा होता था। वह पति के साथ नहीं रहना चाहती थी। मायके वाले उसको ससुराल में रहने को कहते थे। राम स्वरूप ने पुलिस भर्ती का एग्जाम दिया था। पेपर रद्द होने पर घर वालों ने उसे नौकरी करने सूरत भेज दिया। इस बीच राम स्वरूप बांदा कब आया, किसी को पता नहीं। घर वालों को तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि उसने सुसाइड कर लिया। लड़के की मां बोली- मेरा बेटा तो सूरत में था
राम स्वरूप की मां ने बताया- 15 दिन पहले बेटे से फोन पर बात हुई। तब सूरत में था। कह रहा था, मम्मी यहां बहुत गर्मी हो रही है। सोच रहा हूं, कुछ दिन के लिए घर आ जाऊं। हम तो बेटे का इंतजार कर रहे थे। हमें पता ही नहीं चला, कब वापस आया और जान दे दी। हम तो बेटे की शादी की सोच रहे थे, लेकिन सारे सपने टूट गए। लड़के का दोस्त बोला- दोनों परिवार की सहमति से शादी करना चाहते थे
हम दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे। वो मुझे सारी बातें बता देता था। मुझे राम स्वरूप ने अर्चना के बारे में बताया। मेरे साथ ही अर्चना से मिलने जाता था। हमेशा कहता था, शादी तो इससे ही करूंगा नहीं तो जान दे दूंगा। वो जैसा कहता था, वैसा ही किया। प्यार के लिए उसने जान दे दी। बाहर ये लोग बहुत कम ही मिले। एक-दूसरे के घर ही चले जाया करते थे। मैं उनसे कहता था, कोर्ट मैरिज कर लो। लेकिन उनका कहना था, घर वालों के सामने ही शादी करेंगे। दोनों के सपने…सपने ही रह गए। अगर इनके घर वाले मान जाते, तो आज दोनों जिंदा होते। घर में राम स्वरूप की शादी की बात चल रही थी
राम स्वरूप 8 भाई-बहन थे। वो पांचवें नंबर पर था। 6 बहनें और 1 भाई है। बहनों की शादी के बाद उसकी शादी की बात चल रही थी। अभी एक बहन शादी के लिए बची है। रामस्वरूप के पिता गांव के मंदिर में वॉच मैन हैं।परिवार की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। अर्चना 4 भाई-बहन थी। उसके 2 भाई और 1 बहन है। घर में पहली शादी उसी की हुई। अर्चना के पिता खेती-किसानी करते हैं। भाई भी उन्हीं के साथ काम करते हैं। अर्चना और राम स्वरूप के गांव अलग-अलग थे। अर्चना एचवारा की रहने वाली थी। राम स्वरूप अमृतपुर खेरवा में रहता था। दोनों गांवों के बीच 8 किलोमीटर दूरी है। दोनों की मौत के बाद जब परिवार वाले पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे, तो एक-दूसरे से बात तक नहीं की। शादी के बाद ससुराल से भाग गई थी अर्चना
अपर पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्रा ने बताया- दोनों की कटी हुई डेड बॉडी रेलवे ट्रैक पर मिली थी। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। अर्चना अपनी ससुराल से भाग गई थी। उसके ससुर ने 23 अप्रैल को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। लेकिन उसने प्रेमी के साथ सुसाइड कर लिया।

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