मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज यानी गुरुवार को अहम सुनवाई है। न्यायमूर्ति मयंक जैन की पीठ इस केस की सुनवाई कर रही है। हिंदू पक्ष की बहस मंगलवार को पूरी हो चुकी है। हाईकोर्ट लंच के बाद आज कोई बड़ा फैसला दे सकता है। सभी की निगाहें अब कोर्ट के फैसले पर रहेंगी। हिंदू पक्ष का दावा- ईदगाह का ढाई एकड़ का एरिया भगवान का गर्भगृह
मंदिर पक्ष की ओर से हाईकोर्ट में दावा किया गया था कि ढाई एकड़ में बना शाही ईदगाह कोई मस्जिद नहीं है। मंदिर पक्ष के लोगों ने मंगलवार को बहस करते हुए तर्क दिया कि ईदगाह में केवल साल भर में दो बार नमाज पढ़ी जाती है जबकि मस्जिद में दिन भर में पांच बार नमाज होती है। शाही ईदगाह का पूरा ढाई एकड़ का एरिया भगवान का गर्भगृह है। सियासी षड्यंत्र के तहत ईदगाह का निर्माण कराया गया था। प्रतिवादी के पास कोई ऐसा रिकॉर्ड नहीं है। सीपीसी के आदेश सात नियम 11 इस वाद में लागू नहीं होता है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को आप​त्तियों को दा​खिल करने का समय दिया था
इससे पहले हाईकोर्ट ने मामले में अलग-अलग पक्षकारों को सुनने के बाद अपनी-अपनी आप​त्तियों को दा​खिल करने का समय दिया था। फिर सुनवाई को 30 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया था। भगवान श्रीकृष्ण विराजमान एवं कटरा केशव देव की ओर से दा​खिल कुल 18 वादों पर न्यायमूर्ति मयंक जैन की पीठ सुनवाई कर रही है। पिछली सुनवाई 22 अप्रैल को हुई थी। तब हिंदू पक्ष के वकीलों ने दलीलें पेश की थीं। कहा कि शाही ईदगाह परिसर की जमीन मंदिर ट्रस्ट को दी जाए। उनका कहना है कि सालों पहले गलत समझौते के तहत शाही ईदगाह को जमीन दे दी गई थी। मुस्लिम पक्ष पहले ही रख चुका है दलीलें
पिछली सुनवाई में ईदगाह पक्ष की तरफ से दीवानी मुकदमे की पोषणीयता, प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991, लिमिटेशन एक्ट, वक्फ अधिनियम आदि बिंदुओं पर बहस हुई थी। मस्जिद पक्ष की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट तसनीम अहमदी, श्रीकृष्ण जन्मभूमि की ओर से एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बहस की थी।​​​​​​ अयोध्या विवाद की तर्ज पर सुनवाई
मथुरा के मंदिर में मस्जिद विवाद को लेकर दाखिल किए गए 18 मुकदमों की सुनवाई अयोध्या विवाद की तर्ज पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में हो रही है। मथुरा विवाद से जुड़े जिन 18 मुकदमों में हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। इनमें से दो मामलों में अब तक आपत्ति दाखिल नहीं की गई है। कोर्ट ने आपत्ति दाखिल करने के लिए समय दिया है। वाद संख्या 4 श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष पांडेय ने कहा कि शाही ईदगाह मस्जिद परिसर में स्थित श्रीकृष्ण कूप में वर्षों से बासोदा पूजा होती आ रही है। ऐसे में हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार दिया जाए। हिंदू पक्षकार को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है
श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद के पक्षकार आशुतोष पांडेय को इससे पहले कई बार धमकी मिली है। आशुतोष पांडेय श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट मथुरा के अध्यक्ष हैं। वह इलाहाबाद हाईकोर्ट में पैरवी को आए थे। उनका आरोप है कि मोबाइल पर कॉल कर जान से मारने की धमकी दी गई। कॉल करने वाले ने कहा कि बम से उड़ा देंगे। जानवर जैसी मौत मारेंगे। साथ ही बेटे को भी मौत के घाट उतार देंगे।

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