इमरान की पार्टी के समर्थित उम्मीदवारों ने सेना की पसंद माने जा रहे पीएमएलएन चीफ नवाज शरीफ की पार्टी को फिलहाल रेस में पीछे छोड़ दिया है. इमरान को जेल में रखने का एक मकसद उन्हें चुनावी दौड़ से दूर रखना भी माना जा रहा था. लेकिन रूझानों के मुताबिक उनकी पार्टी के समर्थित उम्मीदवारों की जीत ने सेना के मंसूबों पर पानी फेर दिया है. ऐसे में कयास लगने लगे हैं कि अब समय आ गया है कि पाकिस्तानी सेना को आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है. 

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